मधेपुरा, 9 जनवरी बीएन मंडल विश्वविद्यालय कई सालों से विवादों में घिरा हुआ है, इसका मुख्य कारण नामांकन प्रक्रिया में व्याप्त अराजकता से लेकर परीक्षा के परिणाम में गड़बड़ी के साथ भ्रष्टाचार है, लेकिन इस बार कुछ अलग ही विवाद उभर कर सामने आया हैं।
इस घटना ने बीएन मंडल विश्वविद्यालय की भ्रष्ट निति का एक और पोल खोल दिया। मुद्दा हैं बीएड के 2017-19 सत्र में नामांकन का।
बीएन मंडल विश्वविद्यालय के प्रतिकूलपति फारूख अली ने विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर डॉ. अरविंद खां के अपने बेटे (जनरल कैटेगिरी) को B.Ed में नामांकन करवाने के लिए आर.एम कॉलेज भेज दिया क्यूंकि प्रतिकूलपति का आदेश था और प्रॉक्टर डॉ. अरविंद खां अपने बेटे का नामांकन करवाने के लिए आर.एम कॉलेज पहुँच गए लेकिन कम अंक (जनरल कैटेगिरी के लिए 67 अंक निर्धारित लेकिन 34 अंक ही थे) रहने के कारण प्राचार्य आर.बी झा ने नामांकन लेने से मना कर दिया।

इस विषय को लेकर ट्रैक्टर महोदय ने प्रचार आर बी झा के साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें नौकरी से निकलवाने की धमकी तक दे दी।

इस विषय के सामने आने के बाद पता चलता हैं की विश्वविद्यालय के शीर्ष पदों पर बैठे लोगों का चरित्र कैसा है और वे छात्रों को क्या शिक्षा देते होंगे।

मारपीट का विडियो प्रतिकुलपति को 5 जनवरी 2018 को मिलने के बाद बीएनएमयू के कुलपति डॉ. एके राय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अविलंब करवाई करने की बात कही और प्रॉक्टर से सात दिनों के अंदर जबाब मांगा गया.
वहीँ इस घटना का छात्र संगठन अखिल भारतीय विधार्थी परिषद् ने घोर विरोध किया और कुलपति का पुतला फुकने के साथ साथ राज्‍यभवन को पत्र लिख नामांकन में हुए गड़बड़ी की जांच की मांग की.

By nwoow

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