बिक्रमगंज- आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का सरस्वती शिशु मंदिर के प्रांगण में बिक्रमगंज नगर इकाई का गठन एवं “राष्ट्र पुननिर्माण में युवाओं की भागीदारी” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रदेश सह मंत्री कृष्ण देव यादव एवं विश्वविद्यालय प्रमुख अमरेंद्र कुमार ने किया। बिक्रमगंज नगर इकाई गठन के दौरान दायित्व की घोषणा की गई जिसमें प्रज्ञा पुंज पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य श्रीमति संगीत शर्मा एवं विवेकानंद पब्लिक स्कूल के उप प्रधानाचार्य विशकेतु सिंह जी को नगर उपाध्यक्ष बनाया गया, वहीँ नगर मंत्री- कुमार शास्वत, नगर-सह मंत्री – विवेक मिश्रा, विक्की तिवारी,  रंजन यादव , मिलन कुमार,  मानव सिंह, सूरज सिंह, नगर एस.एफ.डी. प्रमुख – वतन कुमार प्रिंस, नगर-सह एस.एफ.डी  प्रमुख – गुड्डू कुमार, नगर कोष प्रमुख – अभिमन्यु कुमार पांडेय, नगर कार्यकारिणी सदस्य- चंदन सिन्हा,  मनीष सम्राट, दिपक सिंह,  बिट्टू सिंह,  अमित मिश्रा,  सत्य प्रकाश तिवारी को दायित्व दिया गया।
प्रदेश सह मंत्री कृष्ण देव यादव ने कहा कि मैं इस बात से पूरी तरह से सहमत हूं कि हमारे देश के विकास में युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान है, देश की  आबादी का लगभग तीन-चौथाई  भाग युवाओं का है।  दुनिया में भारत की पहचान एक युवा देश के रूप में है, हम अपने इस महत्वपूर्ण मानवीय संपदा के प्रति बेहद लापरवाही भरा रवैया अपनाते रहे हैं। हालत यह है कि हम अपनी युवा शक्ति को खो रहे हैं, जबकि हम युवाओं को बेहतर शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण द्वारा उनकी कुशलता का विकास कर, उनकी संभावनाओं को विकसित कर सकते है जिससे ये युवा शक्ति 21वीं सदी के भारत के निर्माण में अपना योगदान कर सके। एक शक्तिशाली राष्ट्र के लिए जरूरी है कि तकनीकी, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, समाजसेवा जैसे क्षेत्रों में लगातार और स्थायी रूप से विकास हो, जिससे युवा राष्ट्र निर्माण से जुड़ सके।
अमरेंदर कुमार ने कहा कि दुःख का विषय है कि हमारे देश के ज्यादातर युवाओं को सही तरह से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। जिससे वे अपने काम में कम कुशल है। केवल 10 प्रतिशत युवा ही सही मानक पर प्रशिक्षित है, जो व्यावसायिक तौर से कुशलतापूर्वक अपना काम कर सकते हैं। इसलिए आज ये जरूरी है कि युवाओं को गुणवत्तायुक्त शिक्षा दी जाए, जिससे युवा देश के विकास में योगदान कर सकें।
संगीता शर्मा ने कहा कि ज्यादातर युवाओं को इसबात की चिंता रहती है कि उन्हें रोजगार कहां और कैसे मिलेगा, कई दशकों से भारत में रोजगार परख शिक्षा का अभाव रहा है। आमतौर पर ऐसा देखा गया है कि किसी नौकरी या रोजगार के लिए पहुंचे बहुत से युवाओं में मूलभूत शैक्षणिक योग्यता का भी अभाव रहता है। इस समय शिक्षा से जुड़े मुद्दे को गंभीरता से उठाया जाना चाहिए। अभी हाल ही में एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि भारत में बेरोजगारों की संख्या बहुत अधिक है, यह पूरी तरह से तर्क संगत है इसके लिए आपको अर्थशास्त्री होने की जरूरत नहीं है। हम दुनिया के सबसे अधिक जनसंख्या वाले देशों में से एक है,  साथ ही अप्रशिक्षित युवा बेरोजगारों की संख्या भी हमारे देश में बहुत अधिक है । विशकेतु सिंह ने कहा कि आज के युवा ऊर्जा, जोश और उमंग से भरे हुए है,बस हमे उन ऊर्जा को सही दिशा देना की आवश्यकता है जिसमें हमरा राष्ट्र मजबूत हो सके।
मौके पर प्रदेश कार्यकारिणी सदश्य रितेश राज कश्यप सिंह, अमित मिश्रा अविषेके अलख,  मंजीत सिंह, बिटटू सिंह, ऋषि सिंह, निशु सिंह, विवेक सिंह, अभय तिवारी, पंकज सिंह, गोलू सिंह,  मिलन सिंह, चंदन श्रीवास्तव, रितु राज तिवारी, दिनेश सिंह, दिपक सिंह, पवन कुमार, अनुभव पांडेय, पहलवान, पुटुस, रौशन, राहुल, अमृत, चंदन , सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे ।

By nwoow

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