पटना, 24 अगस्त। बिहारी श्रमिक की बेटी पायल कुमारी ने केरल के महात्मा गांधी विश्वविद्यालय के स्नातक परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। मूलतः बिहार के शेखपुरा जिला अंतर्गत गोसाइमाधि गाँव की रहनेवाली पायल के पिता प्रमोद कुमार सिंह रोजगार की तलाश में केरल आये थे। वर्तमान में वे एर्नाकुलम के एक हार्डवेयर दुकान में मजदूरी करते हैं। पायल की मां बिंदु देवी गृहिणी हैं।
पायल बचपन से ही प्रतिभाशाली रही हैं। 10वीं की परीक्षा में 83 प्रतिशत अंक लाई थी। 12वीं में मानविकी संकाय से परीक्षा दी थी जिसमें 95 प्रतिशत अंक आये। स्नातक की पढ़ाई के लिए 2017 में पेरुमबवूर के मार थोमा कॉलेज में नामांकन लिया। इतिहास और Archaeology से स्नातक की। 2020 में स्नातक का परीक्षाफल आया जिसमें पायल ने पूरे विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया।
पायल की राह इतनी आसान नहीं थी। पायल ने यह मुकाम गृह कार्य करते हुए हासिल की है। घर के बुरे हालात में तो कई बार ऐसे नौबत आये कि लगा अब पढ़ाई छोड़नी पड़ेगी। अपनी हिम्मत के बल पर उसने यह सफलता पाई है। पायल सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहती हैं। एनएसएस की वालंटियर पायल ने 2018 के केरल के बाढ़ में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया था।
— संजीव कुमार

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