पटना (विसंके)। बिहार में उद्योगों का जाल बिछाने की योजना बन रही है। बिहार विधान सभा में उद्योग मंत्री शहनबाज हुसैन ने बताया कि बिहार की सभी चीनी मील शीघ्र चालू होगी। अब इथनाॅल उत्पादकों के लिए चीनी बनाना अनिवार्य नहीं होगा। वे अनाज के टुकड़ों, गोदाम में सड़ रहे अनाजों या फिर गन्ना अपशिष्टों से भी इथनाॅल बना सकेंगे।

अमृतसर-कलकत्ता काॅरिडोर के अंतर्गत डोभी गया अंचल में गम्हरिया के पास 10 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग कलस्टर विकसित किया जायेगा। इसके लिए जमीन का अधिग्रहण कर उद्योग लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गयी है।

मुख्यमंत्री युवा-युवति उद्यमिता योजना के माध्यम से बिहार के युवाओं को पांच लाख रूपये तक का ऋण दिया जायेगा। इसमें अनुसूचित जाति व जनजाति के युवा उद्यमियों को ब्याज नहीं लगेगा। प्रधानमंत्री के सपने के अनुरूप बिहार भी उद्योगों के क्षेत्र में तेजी से प्रगति करे यह आवश्यक है। बिहार में प्रक्षेत्रवार इंडस्ट्रियल पार्क यथा- खिलौना, चर्म, दवा, इलेक्ट्राॅनिक, पार्क आदि विकसित किया जायेगा।

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