पटना (विसंके)। बिहार में बढ़ रहे जेहादी आक्रमण, बम विस्फोट की घटनाओं के ध्यानार्थ सरकार की ओर से जेहादी आक्रमणों के विरूद्ध ठोस कार्रवाई करने के संदर्भ में विश्व हिन्दू परिषद, बिहार के शीर्षस्थ पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से बिहार के महामहिम राज्यपाल से मिलकर ज्ञापन दिया और शीघ्र कार्यवाई की अपेक्षा की। विहिप प्रतिनिधि मण्डल में सर्वश्री केशवराजू, क्षेत्र संगठन मंत्री पद्मश्री डॉ. आरएन सिंह, केंद्रीय उपाध्यक्ष, परशुराम, दक्षिण बिहार प्रांत मंत्री राजकिशोर उत्तर बिहार प्रांत मंत्री अशोक श्रीवास्तव, संजय कुमार शामिल रहें।

संयुक्त विहिप शीर्षस्थ नेतृत्व ने महामहिम का ध्यान आकृष्ट कराते हुए बताया कि बिहार के सीमांचल क्षेत्रों में हिन्दुओं पर जेहादी आक्रमण बढ रहे है, कहीं पर लव जेहाद में हिन्दू लड़कियों को जबरन उठाया जा रहा है तो कहीं धर्मांतरण कराया जा रहा है, कहीं मंदिरों के मूर्ति तोड़े जा रहे है तो कहीं हिन्दूओ के धार्मिक अनुष्ठान और पारिवारिक उत्सवों पर भी इस्लामिक आक्रमण हो रहे हैं, तो बिहार में जगह जगह बम  विस्फोट हो रहे है और पुलिस प्रशासन इस्लामिक आक्रमणों के सामने बौना नजर आ रही है या यूँ कहे कि जेहादियो के सामने घुटने टेक रही है। लव जेहाद, गो हत्या  और हिन्दुओं पर आक्रमण के विरूद्ध यदि कहीं पर एफ. आइ. आर. भी हुए है तो पुलिस एक्शन में नहीं आ रही है, अधिकांश जगह पर तो एफ. आइ. आर. तक नहीं हुआ है।

जगह जगह बम विस्फोट भी इसी प्रकार के आक्रमण का ही हिस्सा है। दरभंगा रेलवे स्टेशन, बांका के मदरसा में बम विस्फोट, अररिया में बम विस्फोट ये सब इस्लामिक आतंकवाद का ही हिस्सा है। आज बिहार का संपूर्ण सीमांचल क्षेत्र इस्लामिक आतंकवादियों के निशाने पर है। किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, दरभंगा, भागलपुर, मोतिहारी का ढाका प्रखंड, बेतिया, बगहा सहित बिहार के अनेक जिले खासकर भारत नेपाल और बंगलादेश से जुड़े सीमावर्ती क्षेत्रों मे प्रतिदिन लव जेहाद, धर्मांतरण, गो हत्या, मठ मंदिरों पर इस्लामिक आक्रमण, हिंदुओं के धार्मिक अनुष्ठानो पर हमले प्रतिदिन हो रहे है।

लव जेहाद  में तो पुलिस एफ. आइ. आर. करने से भी कतरा रही है और यदि कहीं एफ. आइ. आर. हो  भी गया तो पुलिस अभियुक्त को पकड़ने और लड़की को बरामद करने में रूचि नहीं दिखा पा रही है जिसके कारण जेहादियो का मनोबल काफी ऊंचा है और प्रति दिन हिन्दू लड़कियां जेहादियो द्वारा ऊठाई जा रही है। यहाँ तक कि बेटियो की बारात पर भी हमले कर उसे रोका जा रहा है। हिन्दू समाज अपने को असहाय महसूस कर रहा है और वो ऐसे क्षेत्रों से पलायन करने को मजबूर हो रहा है। कहीं कहीं पर तो यदि हिन्दू ऐसे राष्ट्र विरोधी कार्यों के खिलाफ खड़ा भी होते हैं तो उन पर पुलिस द्वारा झूठे मुकदमे कर उन्हें तबाह किया जाता है और अधिकांशतः इस्लामिक हमले हिंदुओं के अनुसुचित जातियो जन जातियो पर ही हो रहे है। पूर्णिया के वायसी और मोतिहारी के ढाका प्रखंड की घटना इसका ज्वलंत उदाहरण है।

विश्व हिन्दू परिषद का मानना है कि बिहार के सीमांचल क्षेत्रों में रोहिंगिया, बंगलादेशी घूसपैठियो और पीएफआइ जैसे आतंकी संगठनों के कारण इस प्रकार की घटनाएं घट रही है और स्थानीय जेहादी मानसिकता के मुस्लिम भी ऐसे लोगों का साथ दे रहे है तथा पुलिस प्रशासन तथा राज नेता मुस्लिम तुष्टीकरण के कारण अपना मुँह बन्द किए हुए है। यदि इस प्रकार की घटनाओं पर सरकार और उच्च प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा संज्ञान लेकर अविलंब रोक नहीं लगाया गया तो बिहार की स्थिति भी पश्चिम बंगाल और काश्मीर जैसे हो जाएगी।

प्रतिनिधिमंडल ने बिहार में बढ़ रहे बम विस्फोट की घटनाओं की जांच एनआइए से कराने, अनुसूचित जाति के लोगों पर हो रहे अत्याचार की जांच के लिए राज्य स्तरीय आयोग का गठन, लव जेहाद और धर्मांतरण के विरुद्ध गुजरात जैसा कठोर कानून बनाने  तथा हिंदुओं के ऊपर किए गए सभी फर्जी केस वापस लेने की माँग के साथ ही महामहिम के अविलम्ब निर्देश की अपेक्षा की।

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