बातचीत श्री प्रकाश नारायण तिवारी (प्रदेश संगठन मंत्री)
मुद्दा- भारतीय किसान संघ
1.भारतीय किसान संघ की स्थापना किन उद्देश्यों को ध्यान में रख कर किया गया था?

उत्तर- किसानों से जुड़े ऐसे कई संगठन थे। जो राजनीति से प्रेरित थे। प्रायः हर संगठन किसानों की समस्याओं के समाधान करने में नकारा साबित हो रहे थे। इन सभी बात को ध्यान में रखकर श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी के द्वारा 4 मार्च 1979 को कोटा राजस्थान में इसका स्थापना किया गया। किसानों के असंगठित क्षेत्र के समस्याओं को ध्यान में रख कर अखिल भारतीय स्तर पर भारतीय किसान संघ की स्थापना हुई। यह पूर्ण रूप से गैर राजनीतिक संगठन है। किसानों के उचित मांगो को सरकार तक पहुँचाते हैं। आज के समय हमारे पास 26 लाख सक्रिय सदस्य है।
2. भारतीय किसान संघ अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में कितनी सफल हुई है?

उत्तर- किसान आंदोलन को पहले कोई भी पार्टी ध्यान नहीं देती थी। लेकिन भारतीय किसान संघ की सक्रियता के कारण आज हर सरकार और हर पार्टी किसानों के बारे में सोच रही है। आज भारत के सभी मुख्य राजनीतिक पार्टियों के घोषणा पत्र में किसानों का जिक्र है।
भारतीय किसान संघ का कहना है हम अनाज पूरा देंगे। अपना दायित्व पूरा करेंगे। लेकिन लागत मूल्य उचित मिलना चाहिए। भारतीय किसान संघ के दबाव में मोदी सरकार ने किसानों के लागत मूल्य को दोगुना करने के विचार के लिए कृषि मूल्य आयोग की स्थापना की है।  किसानों के लिए 1100 लागत मूल्य सरकार ने माना है। इसका दोगुना 2200 होगा। किसान अभी भी घाटे में है। लेकिन यह बहुत बड़ी सफलता है की किसी सरकार ने किसानों के लिए इतना सोचा है।
3.  आये दिन किसानों के उग्र आंदोलन देखने को मिलते हैं। इसका मुख्य कारण क्या है?

उत्तर:- किसानों की समस्या अनंत है। कृषि प्रधान देश में सबसे खराब स्थिति में किसान ही है। कोई भी इनकी समस्याओं की तरफ ध्यान नही देता था। जनता और सरकारों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए किसान उग्र आंदोलन करते हैं। लेकिन भारतीय किसान संघ हिंसक आंदोलन का कभी समर्थन नहीं करती है।
4. भारतीय किसान संघ का बिहार में क्या स्थिति है?

उत्तर:- बिहार में थोड़ी उदासीनता है। अभी हम केवल 24 जिलों में सक्रिय है। पूरे बिहार में 37 हज़ार सदस्य है। लेकिन सक्रिय सदस्यों की कमी है। हर साल बिहार में 30 नवंबर को सभी किसान भाइयों के साथ मिलकर किसान संघ राज्य सरकार को किसानों से जुड़े मुद्दे पर ज्ञापन सौंपती है।
5. बिहार में भारतीय किसान संघ की भविष्य में क्या- क्या योजनाएं हैं?

उत्तर- बिहार में अपना एक कार्यलय हो, जहां सभी किसान भाई अपनी समस्याओं के बारे में बता सके।  बिहार के सभी जिलों , सभी गांवों तक भारतीय किसान संघ को पहुँचना है। नए तकनीक के बारे में किसानों को जानकारी मिले इसके लिए प्रशिक्षण वर्ग की व्यवस्था हो सके। सरकारी योजनाओं के बारे में उचित जानकारी किसानों तक पहुँचे। भारतीय किसान संघ के विभिन्न इकाइयों को अधिक से अधिक आगे बढ़ा सकें।

वार्ताकार- अभिलाष दत्ता

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