पटना। बिहार में बढ़ती बेरोजगारी भ्रष्टाचार एवं अराजकता के लिए जिम्मेवार बिहार सरकार के खिलाफ “उम्मीदें हैं हारी, बिहार में चरम पर है बेरोजगारी, रोजगार ढूंढो” कार्यक्रम के विरोध प्रदर्शन किया गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, पटना महानगर द्वारा विरोध प्रदर्शन का आयोजन पटना के कारगिल चौक पर किया गया।

प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में छात्र एवं छात्राएं शामिल होकर बिहार सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे। छात्रों को संबोधित करते हुए पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य, आलोक तिवारी ने कहा कि एक तरफ जहां करोना काल में बिहार में बेरोजगारी अपने चरम सीमा पर है, यहां के शिक्षित युवा पलायन करने पर मजबूर हैं। वहीं दूसरी ओर बीएड किए हुए छात्रों के लिए उम्मीद की किरण जैसा एसटीइटी परीक्षा को रद्द कर बिहार सरकार ने बेरोजगार नौजवानों को घोर निराशा में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को जल्द से जल्द अपने एसटीइटी रद्द करने के फैसले को छात्र हित में वापस लेकर छात्रों को एक सकारात्मक संदेश देना चाहिए।

विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों को संबोधित करते हुए अभाविप की प्रदेश सह छात्रा प्रमुख अंजना सिंह ने कहा कि बिहार सरकार के उदासीन रवैया से बिहार के शैक्षणिक संस्थानों में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है जिससे कि छात्र नौजवान सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। आज बिहार में प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक गुणवत्ता की कमी है। इसकी वांगी पटना विश्वविद्यालय को नेक द्वारा बी ग्रेड प्रदान करना है। बिहार का गौरव पटना विश्वविद्यालय आज शिक्षकों की घोर कमी एवं अपने आंतरिक संसाधनों के कमी पर तरस खा रहा है। वहीं बिहार में सुशासन की सरकार शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े ढकोसला कर रही है कोविड-19 जैसे जैसे महामारी में भी जैसे यह सरकार छात्रों के बार-बार मांग करने के बावजूद उनके रूम रेंट सभी प्रकार के शैक्षणिक शुल्क माफ करने पर कोई विचार नहीं कर रही है। छात्रों ने कहा कि अगर बिहार सरकार जल्द इस पर विचार नहीं करेगी तो अभाविप सड़क से लेकर सदन तक बिहार के छात्र नौजवानों के भविष्य की रक्षा के लिए आंदोलन करने के लिए तैयार है। अभाविप के जिला संयोजक विक्की शाह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, आदित्य कुमार, रवीश रॉक, आनंद कुमार, अभिषेक कुशवाहा, मनमोहन आनंद, ज्ञानकुंज विभूति ,अनीश कुमार आदि सैकड़ों छात्र प्रदर्शन में शामिल थे।

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