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03 जून को एकजुटता दिवस मनाकर बीएमएस ने बंगाल हिंसा पीड़ितों को किया याद

भारतीय मजदूर संघ का राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में कोविड नियमों का पालन करते हुए श्रमिक नेताओं ने दिखाया एकजुटता

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नवादा (विसंके)। विधान सभा चुनाव के बाद बंगाल में हो रही हिंसा को लोकतंत्र का हनन बताते हुए भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष सह श्रमिक नेता मनीष कुमार सिंह ने कहा कि देश के अंदर किसी भी प्रदेश में भारतीय राजनीति के इतिहास में ऐसा परिस्थिति नहीं देखा गया जो आज पष्चिम बंगाल में देखने को मिल रहा है। दिन-दहाड़े एक खास विचारधारा के श्रमिक वर्ग को टीएमएस के गुंडों द्वारा जबरन घर में घुस मारा-पीटा जा रहा है और बंगाल प्रशासन मुक दर्शक बनकर देख रही है। प्रदेश कोषाध्यक्ष मनीष कुमार सिंह ने कहा इसी क्रम में भारतीय मजदूर संघ के द्वारा राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के अंतर्गत 3 जुन को एकजुटता दिवस मनाते हुए संगठन ने ये संदेश देेने का कार्य किया है कि बंगाल में हो रही लोकतंत्र के हत्या के विरोध में पूरा देश एकजूट है, वहीं बंगाल प्रशासन मौन है। उन्होनेे इसे अलोकतांत्रिक घटना बताते हुए कहा कि इसकी जितनी भी निंदा की जाय कम है।

केन्द्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग


 एकजुटता दिवस के अवसर पर श्रमिक नेता सह बीएमएस प्रदेश कोषाध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि बंगाल में हो रही हिंसक एवं बर्बरतापूर्ण शर्मनाक घटनाओं को देखते हुए बंगाल प्रशासन पर केन्द्र सरकार द्वारा हस्तक्षेप की मांग करते हुए इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने की एवं पीड़ितों को उचित न्याय दिलाते हुए पलायन किये श्रमिकों को पुर्नवास की भी व्यवस्था एवं सुरक्षा सुनिष्चित कराने की मांग की। उन्होने इस अवसर पर बंगाल हिंसा में शामिल टीएमसी के गुंडों द्वारा राष्ट्रहित, मजदूरहित एवं श्रमिक हितों के विचारधारा को लेकर चलने वाले भारतीय मजदूर संघ के श्रमिक कार्यालयों में तोड़फोड़ किया जाना, और कार्यकत्र्ताओं के साथ बर्बरतापूर्ण हिंसक घटना को अंजाम दिया जाना बेहद शर्मनाक है। साथ ही इसी विचारधारा से प्रभावित श्रमिकों को कार्य से वंचित करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होने बंगाल सरकार से सवाल करते हुए कहा कि क्या बंगाल हिन्दुस्तान में नहीं पाकिस्तान में है?

बंगाल हिंसा के पीड़ितों के साथ खड़ा है पूरा हिन्दुस्तान


वहीं एकजुटता दिवस के अवसर पर उपस्थित भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सह आशा स्वास्थ्य कार्यकत्र्ता संघ की प्रदेश महामंत्री इन्दु झा ने कहा कि आज बंगाल में जो कुछ घटनाएं घट रही है वो पूरा देष देख रहा है। उन्होने बंगाल हिंसा के पीड़ितों के साथ पूरा हिन्दुस्तान को खड़ा बताया। बंगाल हिंसा पर केन्द्रिय गृह मंत्री को त्वरित कारवाई करने की मांग करते हुए महामहिम राष्ट्रपति से बंगाल में अविलंब राष्ट्रपति शासन लगाकर कानून का राज्य स्थापित करने की मांग भी की। इन्दु झा ने आगे कहा बंगाल हिंसा में सबसे ज्यादा महिलाएं प्रभावित हुई है। उनके साथ वहां के गुंडे तबकों के द्वारा महिलाओं को अपना शिकार बनाया जा रहा है। उनके साथ दिनदहाड़े छेड़खानी एवं बलात्कार जैसे वीभत्स घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। लेकिन प्रशासन गुंडों पर कारवाई के बजाय पीडित पक्षों को ही परेशान किया जाना खेदपूर्ण है। वहीं इस अवसर पर भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध बिहार प्रदेष भवन एवं पथ निर्माण मजदूर संघ के नवादा जिला मंत्री चंदन कुमार, आशा संघ की सुनैना देवी, ग्रामीण डाक सेवक कर्मचारी संघ के प्रमोद कुमार आदि ने कोविड नियमों का पालन करते हुए कार्यक्रम में भाग लिया।

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