[button color=”” size=”” type=”3d” target=”” link=””]संजीव कुमार[/button]

पटना. बांका के मदरसे में विस्फोट के बाद हंगामा मचा है. इसे लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं. ये बात लगभग साबित हो चुकी है कि मदरसे में बम (IED) विस्फोट हुआ था. बड़ी बात ये कि विस्फोट में जिस मौलाना अब्दुल मोमिन की मौत हुई, उसके शरीर पर मिले निशान भी अनेक सवाल खड़े कर रहे हैं. निशानों से लग रहा है कि मौलाना खुद बम बना रहा था, और इसी दौरान विस्फोट हो गया. मृतक मौलाना का तब्लीगी जमात से भी संबंध होने की बात सामने आ चुकी है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट


 बांका सदर अस्पताल में मौलाना अब्दुल मोमिन के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. लक्ष्मण पंडित ने बताया कि डेड बॉडी पर मिले निशानों से स्पष्ट है कि ब्लास्ट के कारण शरीर पर चोटें लगी थी. डेड बॉडी पर दर्जनों जख्म थे. शरीर पर ढेर सारे छर्रे यानि स्पिलंटर थे. सारे जख्मों के इर्द-गिर्द काला निशान था. हाथ और पैर कई जगह से टूटे थे. एक बड़ा जख्म भी था जो संभवतः दीवार गिरने के कारण लगी चोट से बना था.

IMG-20210609-WA0023

मौलाना के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने जो जानकारी दी, उससे अनेक तथ्य काफी हद तक स्पष्ट हो जाते हैं. जख्मों के इर्द-गिर्द बना काला निशान बारूद का ही हो सकता है. मृतक के शरीर में जो छर्रे लगे हैं, उनका उपयोग IED बनाने में होता है. बारूद का काला निशान शरीर पर तभी बनता है, जब उसका प्रयोग नजदीक से हो. जिस प्रकार के जख्मों का जिक्र पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किया गया है, उससे भी साफ है कि ये IED विस्फोट से बना जख्म ही था.

खुद बम बना रहा था मौलाना


 विस्फोट के समय मदरसे में चार अन्य लोग भी उपस्थित थे. उन चारों के घायल होने की खबर है. हालांकि, वे फरार हैं. उनमें से किसी के संबंध में जानकारी नहीं है. जबकि, मौलाना को नजदीक से बारूद और छर्रे लगे हैं. ऐसे में जानकारों का कहना है कि मौलाना अब्दुल मोमिन खुद IED तैयार कर रहा था. उसी दौरान ये विस्फोट हुआ औऱ उसका शिकार वह खुद बन गया.

तब्लीगी जमात से भी था संबंध


 बांका के मदरसे में मारे गये मौलाना का संबंध तब्लीगी जमात से भी था. स्थानीय लोगों ने बताया कि मौलाना अक्सर तब्लीगी जमात की बैठकों में जाया करता था. पिछले साल दिसंबर में भी वह तब्लीगी जमात की बैठक में होकर आय़ा है. बांका के जिस मदरसे में विस्फोट हुआ, वहां भी तब्लीगी जमात की बैठकें होने की बात सामने आ रही है. लेकिन अब तक पुलिस या प्रशासन ने पुष्टि नहीं की है.

गौरतलब है कि बांका के नवटोलिया में नूरी मस्जिद इस्लामपुर के पास बने एक मदरसे में मंगलवार को जबरदस्त विस्फोट हुआ था. जिसमें पूरा मदरसा जमींदोज हो गया. इस विस्फोट में मौलवी मोहम्मद अब्दुल सत्तार उर्फ मोमिन की मौत  हो गई. पहले इसे सिलेंडर विस्फोट बताया गया. लेकिन बाद में ये साबित हो गया कि ये बम विस्फोट था. जब देश भर में घटना पर चर्चा शुरू हो गई तो घटना के 24 घंटे बाद जांच के लिए बुधवार को भागलपुर प्रक्षेत्र के डीआईजी सुजीत कुमार वहां पहुंचे. घटना की जांच के लिए पटना से बिहार पुलिस का आतंकवाद निरोधक दस्ता यानि ATS भी पहुंचा है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.