पटना (विसंके)। छत्तीसगढ़ में अवैध मतांतरण को रोकने वाले एक निजी बिल को कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा में प्रस्तुत करने से जिस प्रकार रोका है विश्व हिंदू परिषद उसकी घोर निंदा करती है। इस महत्वपूर्ण प्राइवेट मेंबर बिल को रोके जाने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विहिप के केन्द्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेन्द्र जैन ने आज कहा है कि कौन नहीं जानता कि आज छत्तीसगढ़ अवैध मतांतरण  के राष्ट्र विरोधी षड्यंत्रों का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। इस वनवासी बहुल प्रांत की विशिष्ट पहचान को ईसाई मिशनरी समाप्त करना चाहते हैं। यही नहीं, राष्ट्र विरोधी नक्सल गतिविधियां भी चर्च के सहयोग से ही फल फूल रही हैं। इसके बावजूद कांग्रेस के द्वारा इस बिल का विरोध करना यह सिद्ध करता है कि वे निहित स्वार्थों के चलते राष्ट्रीय, सामाजिक व प्रदेश की जनता के हितों के विरोध में काम कर सकते हैं।

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डॉ. जैन ने कहा कि कांग्रेस को यह स्मरण रखना चाहिए कि महात्मा गांधी ने कहा था कि स्वराज्य मिलते ही अवैध मतांतरण पर प्रतिबंध लगेगा।  सरदार पटेल ने भी संविधान सभा की बहस में हस्तक्षेप करते हुए कहा था अगर अनुच्छेद 25 का दुरुपयोग होगा तो इसको रोकने के लिए केंद्रीय कानून अवश्य बनाया जाएगा। आजादी के बाद कुछ राज्यों में कांग्रेस ने ही मतांतरण विरोधी कानून बनाए थे। तब तक कांग्रेस पर महात्मा गांधी का प्रभाव था। परंतु, सोनिया गांधी की कांग्रेस अब महात्मा गांधी की कांग्रेस के विपरीत आचरण कर रही है।

उन्होंने कहा कि इन आरोपों को अब बल मिल रहा है कि भारत मे चर्च सोनिया गांधी के संरक्षण में ही मतांतरण  का कार्य कर रहे है। अब यह भी स्पष्ट हो गया है कि तुष्टीकरण की आत्मघाती राजनीति के कारण भारत की सैक्युलर बिरादरी अवैध मतांतरण को रोकने की जगह प्रोत्साहन दे रही है। जिहादियों व चर्च के राष्ट्र विरोधी कृत्य इनके संरक्षण में ही चल रहे हैं। इनसे अवैध मतांतरण  को रोकने की अपेक्षा ही नहीं की जा सकती।

उन्होंने यह भी कहा कि अब विहिप मतांतरण को रोकने के केंद्रीय कानून की मांग को अधिक पुरजोर ढंग से उठाती है। कांग्रेस का यह व्यवहार इस मांग को अधिक बल प्रदान करता है। विहिप केंद्रीय सरकार से अपील करती है कि वह महात्मा गांधी और सरदार पटेल के अधूरे वचन को अवश्य पूरा करें। ऐसे अधूरे कामों को पूरा करने के लिए देश इनसे ही अपेक्षा कर रहा है।

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