पटना (विसंके) । अखिल भारतीय विधार्थी परिषद, पटना कार्यालय के मुख्य सभागार में अभाविप का सेवा-कार्य आयाम ‘स्टुडेंट फॉर सेवा’ बिहार का एकदिवसीय प्रदेश स्तरीय बैठक संपन्न हुआ। बैठक का उद्घाटन स्टुडेंट फॉर सेवा के अखिल भारतीय प्रमुख कमल नयन, बिहार प्रांत प्रमुख भरत सिंह जोशी, अभाविप बिहार प्रांत के प्रांत संगठन मंत्री डॉ. सुग्रीव कुमार ने सम्मिलित रूप से किया।

बैठक में बिहार के सभी जिलों से आए सेवा-कार्य के प्रमुख कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए स्टुडेंट फॉर सेवा के अखिल भारतीय प्रमुख कमल नयन ने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व कल्याण की पोषिका रही है। ‘सर्वे भवंतु सुखिनः, सर्वे संतु निरामया’ की मंगल भावना की अनुगूंज हमारी संस्कृति का प्राण है। जन कल्याण से जगत कल्याण का यह सपना ही तो हमें श्रेष्ठ बनाता है। लोक कल्याण की इसी पावन भावना से हमारा प्राचीन जीवन दर्शन अनुप्राणित रहा है। अपनी अनूठी कार्य योजना व निःस्वार्थ सेवा भावना के कारण विद्यार्थी परिषद आज विश्व का अग्रगामी छात्र संगठन है।

वहीं डॉ. सुग्रीव कुमार ने कहा कि अभाविप कार्यकर्ताओं के जीवटता, उनके स्वयं के मस्तिक में चल रहे उधेड़बुन के साथ-साथ परिवारिक बंधनों-उलझनों व विपरीत सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों के बीच से गुजरते हुए सेवा-संस्कार-संघर्ष का परिणाम है – ‘मिशन आरोग्य रक्षक’। विद्यार्थी परिषद सतत रूप से सात दशकों से छात्र-शक्ति को राष्ट्र शक्ति मानकर संस्कारित व संगठित करते हुए विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों, आंदोलनों तथा अभियानों के माध्यम से समाज परिवर्तन के लिए लगा हुआ है। लॉकडाउन जैसी परिस्थिति में भी परिषद के उत्साही कार्यकर्ता समाज की मदद में जुटे रहे। समाज के हर तबके ने हमारे सेवा कार्य को सराहा।

इस बैठक में उपस्थित एसएफएस के प्रदेश प्रमुख भरत सिंह जोशी ने कहा कि कोरोना जैसे महामारी के समय यह परिषद कार्य अनुशासन एवं अनुपम कार्यशैली ही थी, जिससे हम एक ओर लोगों का विश्वास जीतने में सफल हुए तो दूसरी ओर इस महामारी के रोकथाम के उपायों को आमजन तक पहुंचाकर एवं टीकाकरण को गति देकर संक्रमण को बहुत नीचे लाने में कामयाब हुए।

बैठक में रौशन कुमार, अंशु श्रीवास्तव, आदित्य कुमार, शशी सिंह, राजहंस, अजय कुमार, अनुप, दिपक समेत दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे। इस बैठक का संचालन एसएफएस के प्रांत सह संयोजक कौशल किशोर मिश्रा ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published.