पटना, 02 जुलाई। अफगानिस्तान के जलालाबाद में आतंकवादियों ने हिंदुओं और सिखों के एक समूह पर तब आत्मघाती हमला किया जब वह राष्ट्रपति अशरफ गनी से मिलने जा रहे थे। हमले में अफगानिस्तान में सक्रिय सिख नेता अवतार सिंह की भी मौत हो गई है।

अफगानिस्तान के जलालाबाद में रविवार को हिंदू – सिख समुदाय के एक जत्थे पर आत्मघाती हमला किया गया। इसमें 19 लोगों की मौत हो गई।  वहीं हमले में 20 लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए ट्वीट किया, “यह अफगानिस्तान की विविधतापूर्ण संस्कृति पर हमला है। मृतकों के परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के जल्दी ठीक होने की कामना करता हूँ। दुख की इस घड़ी में भारत अफगानिस्तान के साथ है।”

एक न्यूज एजेंसी से हुई बातचीत में नरेंद्र सिंह नाम के व्यक्ति ने फोन पर बताया कि कि काफिले में उनके पिता अवतार सिंह खालसा भी थे। सरकार ने उनकी मौत की पुष्टि कर दी है। अवतार सिंह अफगानिस्तान में लंबे समय से सक्रिय सिख नेता थे।

प्रांतीय गवर्नर के प्रवक्ता अतातुल्लाह खोग्यानी ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि इससे आसपास मौजूद कई इमारतों और दुकानों को नुकसान पहुंचा। धमाके से कुछ ही घंटों पहले गनी ने शहर में एक अस्पताल का उद्घाटन किया था।

नहीं ली किसी ने जिम्मेदारी

अफगानिस्तान में हुए इस हमले की अभी तक किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है। उल्लेखनीय है कि अफगानिस्तान में इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा लंबे समय से अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाया

जा रहा है। 1970 के दशक में अफगानिस्तान में हिंदू-सिख समुदाय के लोगों की संख्या 80 हजार से ज्यादा थी, जो अब घटकर मात्र एक हजार ही रह गई है।

श्रोत- पांचजन्य

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