पटना, 08 अक्टूबर। ढाई करोड़ घुसपैठिये देश की सुरक्षा, संप्रभुता और एकता के लिए खतरा हैं। लेकिन, इससे भी गंभीर एनआरसी का विरोध करने वाले लोग हैं जो सही मायने में देश के सबसे बड़े दुश्मन है। उक्त विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने ए. एन. सिन्हा इंस्टिट्यूट, पटना में आयोजित राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के एक संगोष्टी में व्यक्त किये। यह संगोष्ठी ‘जनसांख्यिक परिवर्तन- राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती’ विषय पर केंद्रित था।
इंद्रेश कुमार ने कहा कि 1947 में हमें आजादी नहीं देश का बंटवारा मिला। जो लोग यह कहते हैं कि कांग्रेस ने देश को आजाद किया, वह ईमानदारी से झूठ बोलते हैं। कांग्रेस आजादी से पहले एक आंदोलन थी। पार्टी तो वह 15 अगस्त, 1947 के बाद बनी। कांग्रेस ने हमेशा देश के गद्दारों का साथ दिया है। सीमावर्ती क्षेत्रों पर बांग्लादेशी घुसपैठिये अपना कब्जा जमा रहे हैं।
मौके पर उपस्थित मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य ऊर्जा मंत्री आर.के.सिंह ने कहा कि 1971 से लेकर 2011 तक असम के कई क्षेत्रों में बहुसंख्यक, अल्पसंख्यक में तब्दील हो गए। जिसका मुख्य कारण 1983 के बाद देश की राजनीति का राष्ट्रनीति से ऊपर उठ जाना है। उस समय की सरकार ने वोट के कारण उन्हें इस देश का नागरिक बनने का मौका दिया। यह आज भारत के लिए गंभीर मुद्दा बन गया है।
आज पूरा यूरोप उन्हें अपने देश मे घुसने से रोक रहा है। अगर हमलोग समय रहते सचेत नहीं हुए तो हमें एक और बंटवारे के लिए तैयार रहना होगा।
मौके पर केरल उच्च न्यालय के सेवा निवृत्त मुख्य न्यायाधीश यू.पी.सिंह, बिहार भाजपा के प्रदेश अध्य्क्ष नित्यानंद राय, पटना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रास बिहारी प्रसाद सिंह सहित कई गणमान्य मौजूद थे।

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