पटना, 17 अक्टूबर (विसंके)। अभाविप की दो दिवसीय केंद्रीय कार्यसमिति बैठक पटना में 17 अक्टूबर को प्रारम्भ हुई। बैठक में देश भर के 83 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। आज केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक का उद्घाटन पटना के रानी सती मंदिर परिसर के सभागार में राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो० छगन भाई पटेल, राष्ट्रीय महामंत्री सुश्री निधि त्रिपाठी एवं राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान जी के द्वारा किया गया। साल में दो बार होने वाली इस बैठक में अभाविप अपने कार्य की समीक्षा एवं आगामी आंदोलन एवं कार्यक्रमों की योजना बनाएगी। यह परिषद की सर्वोच्च नीति नियामक टोली होती है। इसमें सभी प्रांतों के प्रतिनिधि शामिल रहते हैं।

राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो० छगन भाई पटेल ने उद्घाटन सत्र के उद्बोधन में देश के वर्तमान परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि “कश्मीर में धारा 370 के हटाए जाने से व्यवस्थाएँ सुगम हुई हैं एवं अवसर बढ़े हैं। इससे आतंकवादी बौखलाए हुए हैं और बौखलाहट में निर्दोष अध्यापकों एवं चयनित नागरिकों की हत्या कर रहे हैं। दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर अनुसूचित जाति के व्यक्ति की हत्या की घटना भी मन झकझोर देने वाली है।”

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राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने देश के शैक्षिक परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि “दिल्ली विश्वविद्यालय में 100-100 प्रतिशत अंक का खेल शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्न खड़ा करता है। देश के सभी राज्यों के सभी परिसर तत्क्षण खुलवाने के लिए विद्यार्थी परिषद आंदोलनरत है। जब विद्यालयों को खोला जा सकता है तो शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए महाविद्यालयों को भी तत्काल खोला जाना चाहिए। भारतीय उच्च शिक्षा आयोग का गठन स्वागत योग्य है और उसके समकक्ष सभी विधाओं को सम्मिलित किया जाना चाहिए। राष्ट्रीय शोध संस्थान (NRF) में भी सभी विधाओं के शोध को प्रोत्साहन देने का प्रयास करना चाहिए। राज्य स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के क्रियान्वयन हेतु भी अभाविप ने राज्यों में समितियों का गठन किया है। इसके साथ ही राजस्थान में रीट, एसआई, राजस्थान प्रशासनिक सेवा सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रहे व्यापक फर्जीवाड़े के विरुद्ध भी अभाविप एक महीने से आंदोलनरत है।”

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प्रतिभागियों के स्वागत की विशेष व्यवस्था


 आज सुबह उद्घाटन सत्र में सभी प्रतिभागियों को मिथिला पाग़ और मिथिला पेंटिंगयुक्त अंगवस्त्रम भेंट किया गया।

प्रतिभागियों के स्वागत के लिए प्रांत के कार्यकर्ताओं में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। पटना में पहली बार केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक हो रही है। बिहार के विशेषताओं को परिचित कराने की भी व्यवस्था है।

बैठक परिसर में नालंदा विश्वविद्यालय, विक्रमशिला विश्वविद्यालय, लोकतंत्र की जन्मस्थली वैशाली, मिथिला पेंटिंग, राजेंद्र बाबू, चंपारण सत्याग्रह जैसे लगभग 40 से अधिक स्टैंडी लगाए गए हैं। भोजन में भी बिहार के विशेष व्यंजन परोसे जा रहे हैं। प्रतिभागी लिट्टी चोखा के अलावा, भोजपुर( उदवंतनगर) का खुरमा, सिलाव का खाजा, पिपरा मोड़ का खाजा, बाढ़ की लाई, गया का अनरसा इत्यादि के स्वाद का आनंद भी ले रहे हैं।

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