पटना, 22 फरवरी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् पटना महानगर द्वारा मगध विश्वविद्यालय के विभिन्न समस्याएँ जैसे सत्र में अनियमितता, नामांकन फीस
में धांधली, प्लेसमेन्ट, फाइनल डिग्री की समस्या, छात्रसंघ तिथि की घोषणा, विश्वविद्यालय के विकास हेतु आर्थिक मामलों में सरकार की अनदेखी व काॅलेज प्रशासन द्वारा आम छात्रों को डराना-धमकाना साथ ही तानाशाही रवैया अपनाना, काॅलेज कैम्पसों में अराजकता का माहौल बनाने वाले बाहरी लोगों का अड्डा और छात्राओं की सुरक्षा का अनदेखी करना सहित काॅलेज के मूलभूत समस्याओं के अतिशीघ्र समाधान को लेकर पटना स्थित सभी काॅलेजों के छात्र- छात्राएँ एक दिवसीय धरना के माध्यम से मगध विश्वविद्यालय के विस्तारित शाखा कार्यालय के समक्ष विषय को पुरजोर तरीके से रखा।


धरने को संबोधित कर रहे प्रदेश सहमंत्री सुजीत पाण्डेय ने कहा कि मगध विश्वविद्यालय प्रशासन आज विश्वविद्यालय की गरिमा को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है।विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी कमी को छुपाने के लिए छात्रों के भय से कार्य क्रम को भी फेरबदल करने में जरा भी नहीं हिचक रहे हैं। विश्वविद्यालय हर स्तर से छात्रों के
हित में हर योजना पर विफल साबित हो रही है। यहाँ सभी छात्रों के भविष्य से लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है।
वहीं धरने को संबोधित कर रहे प्रदेश कार्य कारिणी सदस्य कुन्दन सिंह व महानगर मंत्री विकास चन्दू सिंह ने का कि विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा हर बार आश्वासन मात्र मिलता रहा है। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन के नाक के नीचे काॅलेजों में छात्राओं का शुल्क लिया जा रहा है, फीस में वृद्धि कर दी जा रही है, रामकृष्ण द्वारिका महाविद्यालय में छात्र- छात्राओं को मारने-धमकाने का भी सिलसिला श  प ्रो॰ अरविन्द कुमार के द्वारा दिया जा रहा है और इन सभी पर काॅलेज प्रशासन सहित विश्वविद्यालय प्रशासन मौन है। इस मौन का कहीं ना कहीं विश्वविद्यालय प्रशासन की मिलीभगत या संलिप्तता की बू आ रही है।

धरने को संबोधित करने वालों में विभाग संगठन मंत्री गौरव प्रकाश, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दीपक कुमार, रंजु कुमारी, कुणाली प्रताप शाही, रजनीश सिंह, अनुज मिश्रा, अभिषेक सिंह, मुस्कान ठाकुर, प्रियरंजन सिंह, अमित रंजन, शशि कुमार सिंह, दीपक दूबे, अजय कुमार, रविश कुमार, राहुल कुमार, रोशन पांडेय, हरिओम, सौरभ, आशिष चन्द्र सहित सैकड़ों छात्र उपस्थित थे।


धरना के उपरांत अभाविप का प्रतिनिधि मंडल विस्तारित शाखा कार्यालय में ओएसडी के समक्ष एक ज्ञापन के माध्यम से विश्वविद्यालय के विभिन्न समस्याओं पर
अविलंब जांच कराने और शैक्षणिक दलालों पर अंकुश लगाने हेतु कठोर से कठोर कदम उठाने की मांग की गई। ओएसडी ने भी विद्यार्थी परिषद् के सभी शर्तों को पूरा करने का पूर्ण आश्वासन भी दिया।
इस प्रतिनिधिमंडल में महानगर संगठन मंत्री धीरज कुमार, सुजीत पाण्डेय, दीपक कुमार, रंजू कुमारी, अमृता कुमारी, विकाश चन्द्र सिंह, रजनीश सिंह एवं अभिजीत झा उपस्थित थे।

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