भागलपुर, 20 नवम्बर। भागलपुर स्थित तिलका मांझी विश्वविद्यालय में आज सीनेट बैठक आयोजित की गई। सीनेट बैठक को लेकर छात्रों में नाराजगी थी। बैठक का विरोध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के कार्यकर्ताओं ने किया। विद्यार्थी परिषद् के छात्र कार्यकर्ता बैठक में विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष को नहीं बुलाई जाने से नाराज थे।
विद्यार्थी परिषद् के नगर सह मंत्री कुणाल पांडे ने कहा कि विश्वविद्यालय के अनुच्छेद 22 के तहत सीनेट बैठक आयोजित करने का अधिकार कुलपति को है। कुणाल ने आरोप लगाया कि बैठक को आयोजित कर करोड़ों धनराशि का प्रस्ताव भी पारित किया गया है। विश्वविद्यालय के छात्र संघ की समय सीमा समाप्त होने वाली है फिर भी विश्वविद्यालय छात्र संघ की धनराशि का कोई हिसाब-किताब नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में छात्रसंघ का 14 वर्षों से धनराशि का उपयोग नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि इसी विषय को लेकर अभाविप विश्वविद्यालय में आंदोलन कर रही थी।
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विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों पर लाठी चार्ज करने से कई छात्र कार्यकर्ता घायल हो गए हैं। घायल छात्रों को भागलपुर स्थित मायागंज अस्पताल में चिकित्सा के लिए रेफर किया गया है।
वहीं विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने कहा कि सीनेट बैठक विश्वविद्यालय के एक्ट के अनुसार आयोजित किया गया है उन्होंने कहा कि महामहिम कुलाधिपति के आदेश के बाद यह बैठक आयोजित किया गया है।

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