पटना, 06 जनवरी (विसंके)। बिहार सरकार के नियमानुसार स्नातक एवं स्नातकोत्तर में छात्राओं से किसी प्रकार की राशि नहीं लेने का प्रावधान है। लेकिन इसके बावजूद भी जेडी विमेंस कॉलेज, पटना में स्नातक द्वितीय वर्ष के सभी छात्राओं से प्रायोगिक परीक्षा के नाम पर अवैध रूप से ₹400 की राशि ली जा रही है। इस प्रकार की राशि लेने के संदर्भ में ना ही विश्वविद्यालय और ना ही राज्य सरकार कि ओर से किसी प्रकार की चिट्ठी जारी की गई है। ओर न ही महाविद्यालय प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की छात्राओं को नोटिस दी गई है। फिर भी महाविद्यालय सभी नियमों का उल्लंघन करते हुए छात्राओं का आर्थिक शोषण करने पर तुली हुई है।

अभाविप का एक शिष्टमंडल जब महाविद्यालय प्रशासन से इस संदर्भ में स्पष्टीकरण मांगा गया तो उन्होंने कॉलेज की व्यवस्था बनाने के लिए छात्राओं से शुल्क लिए जाने का हवाला देते हुए बचने का प्रयास किया। कॉलेज व्यवस्था एवं प्रायोगिक परीक्षा के नाम पर छात्राओं को धोखे में रखकर प्रत्येक वर्ष शुल्क का उगाही करना कहां तक उचित है। ऐसे लोग महाविद्यालय परिसर को भ्रष्टाचार के अंधकार में ले जाने का प्रयास कर रहा है। ऐसे भ्रष्टाचार सं संबंधित विषय को लेकर जो छात्राएं आगे आकर आवाज उठाने का प्रयास करती है तो उन्हें महाविद्यालय प्रशासन की ओर से रिजल्ट एवं करियर खराब करने की धमकी दी जाती है, जो यह सरासर अनुचित है। इस मुद्दे को लेकर छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ पुरजोर हंगामा भी किया।

इस विषय के आलोक में अभाविप का एक प्रतिनिधिमंडल पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा ओर इस प्रकार से हो रहे अवैध वसूली को कड़ाई से तत्काल रोक लगाते हुए छात्राओं से वसूली गई राशि उन्हे वापस करने की मांग की गई। इस प्रतिनिधिमंडल मंडल में प्रदेश कार्यकारी परिषद सदस्य एवं पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के सिनेट सदस्य आलोक तिवारी, विभाग संयोजक शशी कुमार, अभिषेक मिश्रा एवं प्रशांत गौतम शामिल थे।

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