मधेपुरा, 12 अप्रैल। टीपी कॉलेज में B.Ed नामांकन फर्जीवाड़ा में आरोपी को बचाकर मामले को दबाने का प्रयास बीएनएमयू प्रशासन द्वारा किया जा रहा है और साथ में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी किया गया आदेश किसी प्रकार की जांच को लेकर दिए गए आवेदन के साथ कोर्ट से एफिडेविट बना कर देने तथा विश्वविद्यालय पैनल का चुनाव को लेकर राजनीति दबाव में आकर काउंसिल मेंबरों की बैठक बुलाने का क्या औचित्य है। अगर विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी रवैया से बाज नहीं आए तो एबीवीपी बहुत बड़ा आंदोलन विश्वविद्यालय के खिलाफ करेगी जल्द से जल्द सतर्क हो जाएं ।

इस अवसर पर विभाग संयोजक रंजन यादव, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शशि कुमार यादव, संतोष कुमार राज, जिला एस एफ डी प्रमुख रोहित कुमार सिन्हा, ने कहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन का काला चेहरा धीरे-धीरे सामने आ रहा है। बीएनएमयू में बीएड नामांकन मामले में फर्जीवाड़ा और पैसे के लेनदेन का दलाली जारी है जिसका जीता जागता उदाहरण टीपी कॉलेज बीएड प्रकरण है जहां खुलेआम कुछ शिक्षकों द्वारा किए गए सामान्य वर्ग की छात्रा का अनुसूचित जाति श्रेणी में फर्जीवाड़ा करते हुए नामांकन कर दिया है जिसको लेकर एबीवीपी ने पुख्ता सबूत के साथ फर्जीवाड़े का खुलासा कर दिया लेकिन जांच के नाम पर विश्वविद्यालय आज कल आज कल करते जा रही हैं जिसके कारण आरोपी का मन बढ़ते जा रहा है ।

 

वहा उपस्थित काउंसिल मेंबर दिलीप कुमार दिल बिट्टू कुमार हर्षवर्धन कुमार नगर मंत्री नितीश कुमार यादव ने कहा है कि  विश्वविद्यालय प्रशासन फर्जीवाड़ा दलालों को बचाने के लिए षड्यंत्र रच कर छात्रों के आवाज को दबाने के लिए तुगलकी फरमान जारी कर कहा कि यदि कोई छात्र संगठन व शिक्षक यदि किसी भी मामले को लेकर आवेदन देंगे तो साथ में एफिडेविट लगा कर देना होगा जैसे छात्र नहीं क्रिमिनल है विश्वविद्यालय प्रशासन इस तुगलकी फरमान को वापस लें अन्यथा विद्यार्थी परिषद इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। और व्यापक आंदोलन का आगाज करेगी

इस अवसर पर पी एस कॉलेज छात्रसंघ के संयुक्त सचिव सौरभ कुमार यादव, विराट राज विक्रम कुमार, जिला संगठन मंत्री उपेंद्र कुमार भरत, अभिषेक सोनी, मिथुन कुमार, अमरेश कुमार, कुणाल यादव, कई दर्जनों छात्र उपस्थित थे ।

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