अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की केंद्रीय कार्यसमिति और प्रदेश संगठन मंत्री की दो दिवसीय वार्षिक बैठक रामभाऊ महाल्गी प्रबोधिनी, भायंदर, मुंबई में शुरू हुई । इस बैठक में शैक्षणिक वर्ष 2018-19 की समीक्षा करने और अभाविप के 2019-20 प्रस्तावों एवं योजना पर विचार-विमर्श होगा।

अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ एस सुब्बैया, राष्ट्रीय महामंत्री श्री आशीष चौहान और राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री सुनील अम्बेकर ने दीप प्रज्वलित कर इस वार्षिक बैठक का उद्घाटन किया और उसके उपरांत सभी प्रतिनिधियों द्वारा वन्देमातरम के गायन हुआ ।

अपना अध्यक्षीय भाषण आरंभ करने से पूर्व पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एस सुब्बैया ने सभी प्रतिनिधियों के साथ एक मिनट का मौन रखा । डॉ. एस सुब्बैया ने दिसंबर में कर्णावती, गुजरात में संपन्न हुए 64 वें राष्ट्रीय अधिवेशन में हुई बैठक के उपरांत विषयों कहा की, “अभाविप के निरंतर प्रयासों से राष्ट्रवाद, विनाश के पर्याय माओवाद और मार्क्सवाद की तरह एक खोखला फैशन बनने के बजाय हर भारतीय के ह्रदय और मस्तिष्क में जगह बना चुका है ।” उन्होंने कहा कि अभाविप ने गत वर्षभर में विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों जैसे कि सेल्फी विद कैंपस, मिशन साहसी, छात्रावास सम्पर्क अभियान आदि का आयोजन करके एक महत्वपूर्ण कीर्तिमान स्थापित किया है । किसान सम्मान योजना और इस तरह की वर्तमान सरकार की अन्य पहलों व नीतियों का राष्ट्र को भी लाभ मिल रहा है । राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगे कहा कि पूरे देश ने सीआरपीएफ सैनिकों के परिवारों के दर्द को महसूस किया तथा प्रत्येक भारतीय राष्ट्रहित में योगदान देने के लिए तैयार है ।

राष्ट्रीय महामंत्री श्री आशीष चौहान ने अरुणाचल प्रदेश में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना का उल्लेख करते हुए सभी से शांति बनाए रखने का आह्वान किया । उन्होंने कहा, “हम वहां के निवासियों, विशेष रूप से युवाओं से आग्रह करते हैं कि वे उकसावे में न आऐं और हिंसा भड़काने वाले समूहों के घातक इरादों से अवगत रहें ।”

अभाविप के 39 प्रांतों से आए केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य और प्रदेश संगठन मंत्री मुंबई शहर में स्थित रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी परिसर में चल रही बैठक में उपस्थित है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.