पटना, 03 जनवरी। अभाविप का राष्ट्रीय अधिवेशन पिछले दिनों गुजरात के कर्णावती में संपन्न हुआ। इस अधिवेशन में देशभर से लगभग 3743 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जिसमें 766 छात्राएं और 258 प्राध्यापक भी शामिल हुए। अधिवेशन के आखिरी दिन राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा नये राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में डॉ. एस. सुबैय्या और राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में आशीष चौहान पुनः निर्वाचित हुए। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में राजस्थान से प्रो आनन्द पालीवाल, गुजरात से श्री छगन भाई पटेल, गोरखपुर से उमा श्रीवास्तव, बिहार से रमन त्रिवेदी और मैसूर से बसन्त कुमार शामिल है।

अधिवेशन में 10 विषयों पर समांतर सत्र भी विद्यार्थियों के लिए आयोजित किये गए। जिनमें शहरी माओवाद, अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य, महिला सुरक्षा, आर्थिक परिदृश्य, डॉ बी आर अम्बेडकर,  जैसे समसामयिक तथा अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।


अभाविप के राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल बिहार के कार्यकर्त्ता

अधिवेशन में तीन प्रस्ताव और 2 संकल्प भी पारित किए गए। जिसमें ‘जन आस्थाओं के विषय में सर्वोच्च न्यायालय हो सजग’,  ‘सर्वांगीण विकास की ओर बढ़ते भारत के समक्ष चुनौतियाँ’ और ‘ स्नातक शिक्षा में सुधार की मांग’ ये तीन प्रस्ताव सर्वसम्मति से में पारित किए गए। एक अन्य प्रस्ताव राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद् में ‘शिक्षा क्षेत्र से माओवादी प्रसार को हटाने की आवश्यकता’ भी सर्वसम्मति से पारित हुआ। साथ ही दो संकल्प पत्र भी अधिवेशन में विद्यार्थियों के समक्ष पढ़े गए जिनमें ‘महिला सम्मान हमारा स्वाभिमान’ एवं ‘सुनहरे भविष्य के लिए करे वोट ‘ शामिल है।

अभाविप के इस राष्ट्रीय अधिवेशन में आयोजित हुए प्रांत अधिवेशनों में देशभर से कुल 4000 कार्यकर्ताओं को दायित्व दिया गया।

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