पटना (विसंके)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, पटना महानगर द्वारा पटना में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती हर्षाेल्लास के साथ मनाय गया। इस अवसर पर प्रदेश कार्यलय में एक संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया। सबसे पहले लोहानीपुर, राजेंद्रनगर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके योगदान को याद किया गया।
अभाविप कार्यकाल में ‘डॉ. अंबेडकर का शिक्षा दर्शन’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि डॉ. वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि अंबेडकर ने देश को एकता की सूत्र में बांधने के लिए उन्होंने सामाजिक असमानता और भेदभाव को समाप्त करने पर विशेष जोर दिया। देश को संविधान देकर समाज के शोषित, गरीब, दलित जनता के अधिकारों को संरक्षित कर मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है। आज वर्तमान में अध्ययन कर रहे सभी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बाबा साहेब से प्रेरणा लेते हुए आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अभाविप बिहार के प्रान्त संगठन मंत्री डॉ. सुग्रीव कुमार ने कहा कि बाबा साहब ने कठिन परिस्थितियों से जूझते हुए शिक्षा प्राप्त की और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का प्रयास किया और उन्हें सफलता भी मिली। अमेरिका और इंग्लैंड से उच्च शिक्षा ग्रहण करने के बाद भारत में सामाजिक, राजनीतिक आंदोलन में भाग लिए। अपने विचारों को अलग-अलग पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से जनजागरण लाया। आज विभाजनकारी शक्तियाँ बाबासाहेब के नाम का गलत इस्तेमाल कर रही है।


कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए नेपाल के प्रज्ञायिक विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय सह सचिव रमेश कंडेल ने बताया कि बाबासाहेब का संघर्ष पूरे विश्व को सिखाता है। हमे बाबासाहेब के समरस विचार को आगे बढ़ाना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अभाविप बिहार के प्रांत सह संगठन मंत्री अजीत उपाध्याय ने बताया कि बाबासाहेब का संघर्ष सभी छात्र समुदायों को प्रेरणा देने का कार्य करती है।
इस अवसर पर अभाविप के प्रदेश सह-संगठन मंत्री धीरज कुमार, प्रदेश सह मंत्री नीतीश कुमार, गौरव रंजन, आलोक तिवारी, विश्वविद्यालय संयोजक शशी कुमार, जिला संयोजक अभिनव पाण्डेय, प्रदेश कार्यकारी परिषद सदस्य रौशन कुमार, प्रियरंजन सिंह, प्रभाकर कुमार, महानगर सह मंत्री आदित्य कुमार, दिपक कुमार, विपुल कुमार सहित सैकड़ों युवा कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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