बातचीत -चेतसभाई सुखड़िया ( मध्य क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री ),

मुद्दा – मध्य क्षेत्र में विद्यार्थी परिषद् की स्थिति

  1. विद्यार्थी परिषद् की आवश्यकता क्यों है ?

ans –  विद्यार्थी परिषद्  में जो पहला शब्द आता है वह है विद्यार्थी. विद्यार्थी का अर्थ होता है युवा. युवा ने हमेशा से समाज में परिवर्तन का कार्य किया है. गलत के विरुद्ध आवाज़ उठाने का कार्य युवाओं ने किया है. विद्यार्थी जीवन निःस्वार्थ का जीवन होता  है. इसलिए जब स्वतंत्रा का आन्दोलन हुआ तो गांधीजी के आह्वान पर युवाओं  ने आन्दोलन में  हिस्सा लिया. अपने देश के जितने भी क्रांतिकारी हुए हैं वे सब युवा थे. आज के दौर में भी युवाओं  को संगठित करना ताकि  देशभक्ति की भावना उनके अंदर संचारित हो सके तथा देश के युवा देश और समाज के लिए अपना योगदान दे सके इसके लिए विद्यार्थी परिषद् जरुरी है.

  1. वर्ष 2019 विद्यार्थी परिषद् के लिए किस तरह से विशेष है ?

ans – 2019 का वर्ष अपने आप में ही बहुत  महत्वपूर्ण है. लोकतंत्र के सबसे बड़ा  पर्व  आम चुनाव होने  वाला है. इस महापर्व में युवा बढ़ चढ़कर भाग लें  इसके लिए विद्यार्थी परिषद् द्वारा विभिन्न कॉलेजों में मतदाता जागरूकता अभियान, अधिक संख्या में नुक्कड़  व साहित्य के माध्यम से  लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा  है.  21वीं  शताब्दी में जिनका जन्म हुआ है, वह पहली बार अपने वोट की ताकत का इस्तेमाल करने वाले हैं.  वे  सब शत – प्रतिशत मतदान करें  इसके लिए विद्यार्थी परिषद् पूरे  जोर- शोर से कार्य कर रहे है. पूरे देश के विभिन्न कॉलेजों में गोष्ठी के माध्यम से विद्यार्थी परिषद् ने  सबको जोड़ने का कार्य किया है

  1. जे.एन.यु में कुलपति के आवास पर जो हंगामा हुआ है , इस तरह की घटनाओं पर विद्यार्थी परिषद् का क्या दृष्टिकोण रहता है ?

ans – लोकतंत्र में सबको अपनी आवाज़ उठाने का अधिकार है.  जो लोग अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करते हैं और इसके नाम पर हिंसा या किसी भी तरह के गलत गतिविधि करते हैं तो उन्हें समझना होगा कि अभिव्यक्ति प्रकट करने में कुछ मर्यादा होनी चाहिए. आजकल छात्र संगठन के नाम पर अपनी राजनैतिक   ज़मीन को बचाने के लिए इस तरह की अमर्यादित काम करवाए जा रहे हैं. आज उन लोगों की राजनीतिक ज़मीन खत्म हो रही है. अपनी राजनीतिक  ज़मीन को बचाने  के लिए वे  लोग  युवा शक्ति   का  इस्तेमाल कर रहे हैं

  1. हिमाचल में आर.एस.एस की शाखा पर हमला हुआ है. ऐसे हिंसक गतिविधि के शिकार कार्यकर्ता कब तक होते रहेंगे?

ans- विद्यार्थी परिषद् या आर.एस.एस कभी हिंसा को उचित नहीं मानती है. अपना कार्य अपने विचार को आगे बढ़ाना एवं  अपने विचार से लोगों को जोड़ना ही आर.एस.एस का कार्य है . ऐसे हिंसक लोगों को हमारे विचारों से समय – समय पर जवाब मिलता रहा है.

  1. केरल में विद्यार्थी परिषद् के कई कार्यकर्ताओं की हत्या तक हुई हैं ?

ans- स्वतंत्र देश में  सभी को संवैधानिक अधिकार प्राप्त है अपने विचार और संगठन के प्रचार – प्रसार के लिए देश के किसी भी राज्य में सभी आ – जा सकते हैं. यही बात  वामपंथी विचारधारा के लोगों यह नागवार गुजरी और उनके इशारों पर हमारे कार्यकर्ताओं की निर्मम हत्या की गयी. इन सभी हत्याओं का हमे काफी दुःख है. लेकिन आज स्थिति बदली है. हमसे जुड़े  वहाँ के छात्र चुनावो में जीत हासिल कर रहे हैं. इसका सीधा अर्थ यही है कि हमारे विचारधारा की स्वीकृति बढ़ रही है.

  1. मध्य भारत में विद्यार्थी परिषद् को किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पर रहा है ?

ans – मध्य भारत में  विद्यार्थी परिषद् अब शहरी क्षेत्र के साथ सुदूर क्षेत्रों में भी पँहुच रही है. अभी वहां कुछ समय पहले कांग्रेस की सरकार  ने तुगलकी फरमान विश्वविद्यालयों में पत्रकों  के माध्यम से जारी की थी. पत्रक में लिखा हुआ था की कोई भी छात्र संगठन विश्विद्यालय परिसर में किसी तरह का कोई आयोजन नहीं कर सकती है. इस फैसले का विरोध केवल विद्यार्थी परिषद् ने ही नहीं किया वरन अन्य छात्र संगठनों ने इस फैसले की धज्जियां उड़ा कर  रख दी.

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