पंच परिवर्तन से होगा नए भारत का निर्माण- स्वांत रंजन जी

नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा एक प्रमुख जन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों प्रमुख व्यक्तियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वातरंजन जी उपस्थित रहे। उनके साथ क्षेत्र प्रचार प्रमुख राजेश पांडेय जी, जिला संघचालक अंजेश जी, बाढ़ के नगर संघचालक नवल किशोर जी भी मौजूद थे। मुख्य अतिथि स्वातरंजन जी ने ‘पंच परिवर्तन’ विषय पर अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया। उन्होंने समाज में आ रहे विभिन्न परिवर्तनों और उनके प्रभावों पर प्रकाश डाला। कहा कि वर्तमान में समाज एकल परिवार की ओर बढ़ रहा है, जिससे परिवारों का आकार छोटा होता जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले संयुक्त परिवार में सभी सदस्य एक साथ रहते थे, भोजन करते थे और सुख-दुख बांटते थे। अब स्थिति ऐसी है कि परिवार का एक सदस्य काम से लौटता है तो दूसरा निकल जाता है, जिससे परिवार में अधूरापन, चिंता और डिप्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रबुद्ध जन

 

उन्होंने साथ मिलकर भोजन करने और समस्याओं का समाधान करने पर जोर दिया। उन्होंने पर्यावरण में हो रहे परिवर्तनों को चिंताजनक बताया। हमें पानी और बिजली का उपयोग आवश्यकतानुसार ही करना चाहिए। साथ ही, अधिक से अधिक पेड़ लगाने का भी आह्वान किया। स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि हमें अपने देश में निर्मित उत्पादों का ही प्रयोग करना चाहिए। इससे भारत विश्व गुरु बनने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ सकेगा।

सभी नागरिकों से अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश, धर्म, समाज और परिवार के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने से ही पूरे भारत का विकास संभव है।

इसकी सूचना जिला प्रचार प्रमुख मुरली मनोहर मंजुल ने दी।

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