कोरोना कालखंड को भारतीय रेल ने एक अवसर के तौर पर देखा है। नित्य नए कीर्तिमान स्थापित किये जा रहे हैं। बैट्री चलित ट्रैन का सफल परीक्षण किया गया वहीं लगभग 3 किलोमीटर लंबी मालगाड़ी भी सफलतापूर्वक चलाई गई। अब रेलवे पूर्ण विद्युतीकरण की ओर अग्रसर है। अगले 3.5 वर्ष में में पूरी तरह बिजली से चलने वाला रेल नेटवर्क बन जाएगा.
इस बात की जानकारी रेल मंत्री पीयूष गोयल ने दी। उन्होंने एक कार्यक्रम में बताया कि 2024 तक रेलवे 100 फीसदी बिजली से चलने वाला रेल नेटवर्क होगा. इसी के साथ भारतीय रेल दुनिया का पहला इतना बड़ा रेल नेटवर्क होगा जो पूरी तरह बिजली से संचालित होगा.प्रधानमंत्री ने ‘वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड’ को बढ़ावा दिया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रेलवे के 100 योजना को स्वीकृति मिलने के बाद इस दिशा में तीव्र प्रगति हुई है। इसके अंतर्गत 1 लाख 20 हज़ार किलोमीटर रेल ट्रैक पर काम होगा।वर्तमान में 55 प्रतिशत रेल का नेटवर्क बिजली से चलता है। ब्रॉड गेज मार्गों का 63 प्रतिशत विद्युतीकरण कर लिया गया है।
इसके अलावा 2030 तक भारतीय रैल दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन रेलवे भी बन जायेगा। भारतीय रेल ने 2030 तक अपने कार्बन उत्सर्जन को जीरो करने और नेटवर्क को पूरी तरह हरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके लिए रेलवे विद्युतीकरण के क्षेत्र में और सोलर प्लांट से बिजली प्राप्त करने के क्षेत्र में काम कर रहा है. रेलवे ने पूरा नेटवर्क दिसंबर 2023 तक बिजली पर आधारित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.

—संजीव कुमार

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