बिहार सरकार के श्रम संसाधन विकास विभाग द्वारा 17 सितंबर को विश्वकर्मा श्रम कल्याण दिवस न कर 16 सितंबर को मनाने का निर्णय लिया है , जो मजदूरों के अपमान का सूचक हैं। उक्त बातें भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री उमा प्रसाद वाजपेयी ने प्रदेशस्तरीय बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा।
प्रदेश कार्यालय में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश महामंत्री उमा प्रसाद वाजपेयी ने कहा कि बिहार सरकार ने पूर्व में ही 17 सितंबर को ही विश्वकर्मा कल्याण दिवस मनाने का अध्यादेश जारी कर चुकी है। सरकार ने किसी दवाव में यह मजदूर विरोधी निर्णय लिया है , जिसका भारतीय मजदूर संघ घोर विरोध करती है । जिस प्रकार 2 अक्टूबर , 14 नवंबर , 30 जनवरी या अन्य महापुरुष की जयंती में कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता है , उसी प्रकार श्री विश्वकर्मा जन्म दिवस पर विश्वकर्मा कल्याण दिवस मनाने में कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता।श्री विश्वकर्मा हर मजदूर के आराध्य देव हैं । यह उत्सव ऐसा पर्व है जो किसी संप्रदाय या जाति से न जोड़कर आम मजदूरों से जुड़ा हैं।
श्री वाजपेयी ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ 16 सितंबर को बनाए जाने वाले सभी सरकारी कार्यक्रमों के बहिष्कार का निर्णय लिया है । पूरे प्रदेश में 17 सितंबर को ही श्री विश्वकर्मा जी के आराधना के साथ-साथ समाज में संगोष्ठी के माध्यम से श्री विश्वकर्मा जयंती की माहता को बताने का कार्य करेंगी बीएमएस।
बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष डॉ सियाराम शर्मा, मंच संचालन प्रदेश मंत्री राकेश भारती तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रदेश मंत्री मनीष कुमार ने किया। बैठक में क्षेत्रीय संगठन प्रभारी सुरेश प्रसाद भी उपस्थित रहे।
बैठक को राकेश चौधरी, दीपक कुमार, मुरारी प्रसाद , संजय श्रीवास्तव, अशोक कुमार, गंगा प्रसाद, मंजू कुमारी, इंदु झा, पुष्पा पांडेय आदि ने संबोधित किया।

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