पत्रकारिता के अभाव में आदिम युग जैसा हाल : प्रवीण बागी

 

पटना, 24 जनवरी। पत्रकारिता के अभाव में आधुनिक समाज फिर से आदिम युग में चला जाएगा, जहां किसी व्यक्ति का किसी से संपर्क नहीं होगा। मीडिया नहीं रहेगा तो ना तो देश-दुनिया की अच्छी या बुरी घटनाएं हमें पता चलेंगी और ना ही हम अपनी बात सरकार और समाज तक पहुंचा सकेंगे। उक्त बातें वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी ने शनिवार को कहीं। वे विश्व संवाद केंद्र द्वारा आयोजित 12 दिवसीय पत्रकारिता प्रशिक्षण कार्यशाला के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि आज पत्रकारिता ने समाज में अपने लिए एक प्रतिष्ठित जगह सुनिश्चित की है और यह किसी सरकार अथवा संगठन की कृपा से नहीं हुई है, बल्कि पत्रकारों ने अपने संघर्ष, निष्ठा और समर्पण के बल पर यह सम्मान और प्रतिष्ठा अर्जित की है। उन्होंने गणेश शंकर विद्यार्थी द्वारा संपादित पत्रिका ‘प्रताप’ का उदाहरण देते हुए पत्रकारिता की नैतिकता और समर्पण पर प्रकाश डाला।

कार्यशाला के प्रतिभागियों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकारिता एक चुनौतीपूर्ण पेशा है। इसलिए इसमें प्रवेश करने से पहले भली- भांति सोच विचार कर लेना चाहिए। इस पेशे में कभी भी नौकरी जा सकती है अथवा मीडिया हाउस बंद हो सकता है। इस परिस्थिति के लिए पहले से मानसिकता बना लेनी चाहिए।

विशिष्ट अतिथि के रूप में पटना चिकित्सा महाविद्यालय के शरीर विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि पत्रकारिता का उपयोग राष्ट्र के सही इतिहास को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचने में करना चाहिए और पीत पत्रकारिता से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

विश्व संवाद केंद्र के संपादक संजीव कुमार ने 2004 से अनवरत जारी इस पत्रकारिता कार्यशाला के बारे में विस्तारपूर्वक बताया और कहा कि यहां से निकले हुए प्रतिभागी देश के बड़े मीडिया हाउसों में सफलतापूर्वक उच्च पदों पर कार्य कर रहे हैं।

इस अवसर पर प्रतिभागियों द्वारा तैयार पत्रिका ‘सबरंग’ का विमोचन किया गया। समापन समारोह में प्रतिभागियों ने 12 दिन के दौरान हुए अपने अनुभव साझा की और कहा कि कॉलेज में और विश्वविद्यालय में पत्रकारिता की जो पढ़ाई 3 वर्ष अथवा 2 वर्ष में होती है, उसका यहां कैप्सूल कोर्स 12 दिनों में बिहार के अनुभवी पत्रकारों द्वारा कराया गया और विशेष रूप से पत्रकारिता के व्यावहारिक आयाम पर अधिक जोर दिया गया।

इस अवसर पर दक्षिण बिहार के सह प्रांत प्रचार प्रमुख निखिल रंजन, सिने विश्लेषक प्रशांत रंजन, पत्रकार रविकांत, दीप शिखा, डॉ. दिवाकर कश्यप समेत बड़ी संख्या में पत्रकारिता जगत से जुड़े लोग उपस्थित रहे। इस कार्यशाला का संचालन डॉ.शोभित सुमन ने किया |

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