पटना, 20 मई। किसी की बोली उसके व्यक्तित्व का दर्पण होता है। वक्ता को उसके श्रोता की समझ होनी चाहिए। भाषा की समझ आवश्यक है। भाषा की समझ होने से बोली साफ होगी। इन दिनों ऑडिया विजुअल मीडिया का प्रभाव बढ़ा है। लेकिन इसमें भी वही व्यक्ति सफल हो सकता है जिसकी भाषा के ऊपर पकड़ अच्छी हो। बिहार हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। दूर-दराज के गांवों में भी हिन्दी साहित्य की पत्रिकाएं पढ़ी जाती हैं और लोग उसपर अपनी राय व्यक्त करते हैं। उक्त बातें विश्व संवाद केन्द्र द्वारा आयोजित तीन दिवसीय स्वर माधुर्य (टवपबम डवकनसंजपवद) कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए फिल्म एवं टीवी इंस्टीट्यूट के पूर्व निदेशक, प्रसार भारती के पूर्व महानिदेशक एवं बिहार राजस्व पर्षद् के अध्यक्ष सह सदस्य श्री त्रिपुरारी शरण ने कही।
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे अवचेतन में जो स्वर आता है उसे हम गाने या बोली के रूप में सामने लाते हैं। हमारे यहां एक संकुचित सोच बन गयी है कि कोई एक विषय में दक्ष है तो उसे दूसरी चीज की समझ नहीं होगी। इस पूर्वाग्रह को त्याग कर हमें नये चीजों को ग्रहण करने के लिए सदा उत्सुक रहना चाहिए। तीन दिनों का यह अच्छा प्रयास है। लेकिन इन तीन दिनों में सीख लेने भर से काम नहीं चलने वाला बल्कि इस हुनर को बनाये रखने के लिए लगातार अभ्यास करते रहने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आकाशवाणी, पटना के सहायक निदेशक डॉ. किशोर सिन्हा ने कहा कि किसी को इस हीन भावना से ग्रसित नहीं रहना चाहिए कि उसकी आवाज खराब है। दरअसल किसी की आवाज खराब नहीं होती बल्कि उसकी अलग विशेषता होती है। हम एक बार अगर स्वर की समझ विकसित कर लें तो फिर आवाज को लेकर कोई समस्या नहीं होगी। उचित प्रशिक्षण एवं अभ्यास से इसमें गुणात्मक सुधार लाया जा सकता है।
दूरदर्शन के सहायक निदेशक डॉ. रत्ना पुरकायस्थ ने कहा कि ऑडियो विजुअल माध्यम में ध्वनि तत्व की महत्ता को देखते हुए स्वर माधुर्य की कार्यशाला कम से कम एक सप्ताह की होनी चाहिए क्योंकि इसमें सैद्धांतिक ज्ञान के अलावा व्यावहारिक अभ्यास का भी काफी महत्व होता है।
विश्व संवाद केन्द्र के सचिव एवं भाजपा विधायक डॉ0 संजीव चौरसिया ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि आज जिस तरह से इलेक्ट्रोनिक मीडिया का प्रभाव बढ़ा है वैसे में स्वर माधुर्य की यह कार्यशाला काफी प्रासंगिक है। कार्यक्रम में आये हुए विशेषज्ञों व अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि संस्था का प्रयास है कि मीडिया के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए इस तरह के कार्यक्रम आगे भी होते रहे।

By nwoow

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